सारांश : नैनीताल में 12 साल की बालिका से दुष्कर्म के मामले के बाद भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके चलते प्रशासन ने आगोशित कर्फ्यू लगा दिया है। बाजार, स्कूल बंद हैं और पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है।
उत्तराखंड के नैनीताल में 12 साल की एक बच्ची से दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। बुधवार रात को यह घटना प्रकाश में आई, जिसके बाद स्थानीय लोग और संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। विरोध प्रदर्शन के कारण प्रशासन ने नैनीताल में आगोशित कर्फ्यू लगा दिया है। बाजार, स्कूल, और अन्य संस्थान बंद हैं, और पुलिस ने शहर में भारी सुरक्षा व्यवस्था की है।
घटना का विवरण और पुलिस कार्रवाई
मल्लीताल क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुई इस नृशंस घटना में आरोपी उस्मान नामक 73 वर्षीय व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिसके कारण विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
सांप्रदायिक तनाव और हिंसक प्रदर्शन
इस घटना के बाद नैनीताल में सांप्रदायिक तनाव भी भड़क उठा। कुछ प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद पर पथराव किया और मुस्लिम समुदाय के दुकानों को नुकसान पहुंचाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन के बाहर नारेबाजी की और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है और रात भर गश्त बढ़ाई गई है ताकि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जा सके।
प्रशासन की अपील और स्थिति नियंत्रण
नैनीताल के एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्रा ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रशासन ने कर्फ्यू के साथ ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है ताकि हालात बिगड़ने से रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है।